फ्रेम रेट और 60fps

यूट्यूब 60fps वीडियो डाउनलोड क्या हैऔर इसेसही तरीकेसेकैसेपाएं

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क्रिकेट का एक शॉट देखिए। बल्लेबाज नेगेंद को मारा, गेंद हवा मेंघूमी, और फील्डर नेदौड़कर कैच पकड़ा। अगर यह वीडियो थोड़ा रुक-रुककर चले, तो मजा आधा रह जाएगा। अगर वही वीडियो मक्खन जैसा चिकना चले, तो हर हरकत साफ दिखेगी। इ स चिकनेपन के पीछेएक छोटी सी चीज काम करती है, जिसका नाम हैफ्रेम रेट। और जब लोग 60fps की बात करतेहैं, तो वेइसी चिकनेपन की बात कर रहेहोतेहैं। इस लेख मेंहम फ्रेम रेट को बिल्कुल आसान भाषा मेंसमझेंगे। यह रिजॉल्यूशन सेकैसेअलग है, 60fps कब सच मेंफर्क डालता है, और 60fps वीडियो डाउनलोड करतेसमय क्या-क्या ध्यान रखना चाहिए।

फ्रेम रेट आखिर होता क्या है

वीडियो असल मेंबहुत सी तस्वीरों का तेज सिलसिला होता है। एक सेकंड मेंजितनी तस्वीरेंदिखती हैं, उसे फ्रेम रेट कहतेहैं। इसेfps से मापा जाता है, यानी फ्रेम प्रति सेकंड। अगर एक सेकंड में30 तस्वीरेंदिखें, तो उसे30fps कहते हैं। अगर 60 तस्वीरेंदिखें, तो उसे60fps कहते हैं। ज्यादा तस्वीरें मतलब हरकत ज्यादा बारीकी सेदिखेगी। तेज भागता हुआ खिलाड़ी, नाचता हुआ कलाकार, या गेम मेंतेजी सेघूमता कैमरा — येसब 60fps में ज्यादा चिकनेलगतेहैं। इसे एक किताब के पन्नेपलटनेजैसा समझिए। अगर आप धीरे-धीरे पन्नेपलटें, तो कहानी रुक-रुककर आ गेबढ़ेगी। अगर आप तेज पन्नेपलटें, तो कहानी बहती हुई लगेगी। फ्रेम रेट भी कुछ-कुछ ऐ सा ही है।

60fps और रिजॉल्यूशन मेंफर्क मत कीजिए

यह सबसेआम गलतफहमी है, इसलिए इ सेसाफ कर देना जरूरी है। रिजॉल्यूशन बताता हैकि तस्वीर कितनी साफ और बारीक है। फ्रेम रेट बताता हैकि हरकत कितनी चिकनी है। येदोनों अलग-अलग चीजेंहैं। एक वीडियो साफ भी हो सकता है, लेकिन चिकना न हो। और एक वीडियो चिकना भी हो सकता है, लेकिन बहुत साफ न हो। उ दाहरण के लिए, कोई वीडियो 1080p मेंहो, लेकिन 30fps पर चल रहा हो, तो वह साफ तो लगेगा, लेकिन तेज हरकत मेंथोड़ा रुकता हुआ महसूस हो सकता है। वहीं, कोई वीडियो 720p मेंहो, लेकिन 60fps पर हो, तो वह कम साफ लग सकता है, लेकिन हरकत ज्यादा चिकनी लगेगी। इसलिए ज ब आप 60fps डाउनलोड की बात करें, तो यह मत समझिए कि आप अपनेआप ज्यादा साफ वीडियो पा रहेहैं। आप ज् यादा चिकना वीडियो पा रहेहैं। दोनों की जरूरत अलग है, और दोनों का चुनाव भी अलग होना चाहिए।

60fps कब सच मेंफर्क डालता है

हर वीडियो में60fps जरूरी नहीं होता। किसी शांत बातचीत वालेवीडियो में, जहाँ दो लोग बैठकर बात कर रहेहैं, 30fps और 60fps में फर्क ढूँढना मुश्किल होगा। लेकिन कुछ तरह के वीडियो मेंफर्क तुरंत दिखता है। खेल के वीडियो मेंफर्क साफ दिखता है। गेंद की गति, खिलाड़ी की दौड़, और — कैमरेका घूमना येसब 60fps में ज्यादा स्वाभाविक लगतेहैं। गेमिंग वीडियो मेंभी यही हाल है। गेम मेंकैमरा तेजी सेघूमता है, इसलिए ज् यादा फ्रेम होनेसेआँखों को आराम मिलता है। नृत्य, मार्शल आर्ट, या किसी तेज कला के वीडियो मेंभी 60fps मदद करता है। हाथ की हलचल, पैर की गति, और शरीर का — संतुलन येबारीकियाँज्यादा फ्रेम मेंबेहतर दिखती हैं। अगर आप किसी डांस स्टेप को धीरे-धीरे समझना चाहतेहैं, तो चिकना वीडियो आपकी मदद करेगा। दूसरी तरफ, किसी लेक्चर, कहानी, या धीमी गति केव्लॉग में60fps की जरूरत कम पड़ती है। वहाँसाफ आवाज और साफ तस्वीर ज्यादा मायनेरखती है।

क्या हर यूट्यूब वीडियो 60fps मेंहोता है

नहीं। यह बात जानना बहुत जरूरी है। 60fps वीडियो वही मिलेगा जो मूल रूप से60fps में रिकॉर्डऔर अपलोड किया गया है। अगर किसी नेवीडियो 30fps में बनाया है, तो उसेबाद में60fps में बदलकर असली चिकनापन नहीं लाया जा सकता। कुछ टूल 30fps वीडियो को 60fps बताकर बेचनेकी कोशिश करतेहैं, लेकिन यह सिर्फ नाम का फर्क होता है। बीच में नकली फ्रेम डाल देनेसेहरकत असली जैसी चिकनी नहीं हो जाती, कई बार तो वह और अजीब लगनेलगती है। इसलिए हमेशा मूल वीडियो की जानकारी देखिए। यूट्यूब पर वीडियो की सेटिंग मेंक्वालिटी विकल्प के पास अगर 60 लिखा दिखे, तो समझिए कि वह वीडियो सच में60fps में उपलब्ध है।

60fps डाउनलोड करनेसे पहले क्या जाँचिए

पहली जाँच: वीडियो सच में60fps में हैया नहीं। यूट्यूब पर वीडियो चलाकर उसकी क्वालिटी सेटिंग देखिए। अगर वहाँ60 का विकल्प है, तो आगेबढ़िए। दूसरी जाँच: आपका डिवाइस 60fps वीडियो चला पाएगा या नहीं। ज्यादातर नए फोन और कंप्यूटर इसेचला लेतेहैं, लेकिन बहुत पुरानेडिवाइस मेंवीडियो रुक-रुककर चल सकता है। ऐसेमें60fps फाइल लेकर भी फायदा नहीं होगा। तीसरी जाँच: जगह और इंटरनेट। 60fps वीडियो की फाइल आमतौर पर 30fps से बड़ी होती है, क्योंकि इसमेंदोगुनी तस्वीरें होती हैं। इसलिए डाउनलोड सेपहलेखाली जगह देख लीजिए और स्थिर इंटरनेट पर ही काम कीजिए। चौथी जाँच: आपको सच में60fps चाहिए या नहीं। अगर वीडियो सिर्फ सुननेके लिए है, या धीमी बातचीत का है, तो 60fps पर जगह और समय खर्चकरना समझदारी नहीं है।

60fps वीडियो डाउनलोड करनेका सीधा तरीका

तरीका बाकी वीडियो जैसा ही है, बस विकल्प चुनतेसमय ध्यान देना होता है। पहलेवह वीडियो चुनिए जो सच में60fps में उपलब्ध है। उसका लिंक कॉपी कीजिए। फिर ब्राउज़र में यूट्यूब से MP4 वीडियो डाउनलोड करनेवाला पेज खोलिए, लिंक डालिए, और वहाँदिए गए विकल्पों मेंसे60fps वाला विकल्प चुनिए, अगर वह उपलब्ध हो। अगर विकल्पों में60fps नहीं दिख रहा, तो इसका मतलब हैकि वह वीडियो उस रूप मेंउपलब्ध नहीं है, या वह विकल्प उस समय नहीं मिल रहा है। ऐसेमेंजबरदस्ती किसी और तरीके से60fps बनाने की कोशिश मत कीजिए। 30fps वाला साफ वीडियो ही बेहतर रहेगा, बजाय इसके कि आप नकली 60fps फाइल लेकर आएँ। डाउनलोड पूरा होनेके बाद वीडियो को एक बार चलाकर देखिए। हरकत चिकनी लग रही हैया नहीं, आवाज ठीक हैया नहीं, और वीडियो बीच मेंतो नहीं रुक रहा। यह छोटी जाँच आपको बाद की निराशा सेबचा लेगी।

60fps केबारेमेंकुछ आम भ्रम

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पहला भ्रम: 60fps मतलब अपनेआप अच्छी क्वालिटी। नहीं, यह सिर्फ चिकनेपन की बात है। साफ तस्वीर के लिए रिजॉल्यूशन भी देखना पड़ता है। दूसरा भ्रम: 60fps हर स् क्रीन पर एक जैसा दिखेगा। नहीं, आपकी स्क्रीन की क्षमता भी मायनेरखती है। अगर स्क्रीन ही ज्यादा फ्रेम नहीं दिखा सकती, तो 60fps फाइल का पूरा फायदा नहीं मिलेगा। तीसरा भ्रम: 30fps वीडियो को बदलकर 60fps बना लेना। जैसा पहलेकहा, इससे असली चिकनापन नहीं आता। चौथा भ्रम: 60fps हमेशा बेहतर है। नहीं, सही फ्रेम रेट वह हैजो वीडियो की जरूरत सेमेल खाए। खेल और गेमिंग के लिए 60fps अच्छा है, शांत बातचीत के लिए 30fps भी काफी है।

आखिर में क्या याद रखिए

60fps कोई जादुई नंबर नहीं है। यह एक तकनीकी चुनाव हैजो तेज हरकत वालेवीडियो को ज्यादा स्वाभाविक बनाता है। इसे रिजॉल्यूशन सेअलग समझिए, मूल वीडियो की असल फ्रेम रेट जाँचिए, और अप नी जरूरत के हिसाब सेही फाइल चुनिए। अगली बार जब आप किसी खेल का वीडियो या गेमिंग क्लिप सहेजें, तो एक बार फ्रेम रेट पर नजर जरूर डालिएगा। वही छोटी नजर आपके देखनेके अनुभव को रुक-रुककर चलनेवालेवीडियो सेबदलकर चिकनेऔर मजेदार अनुभव मेंबदल सकती है। कॉपीराइट नोट: सिर्फ अपनेवीडियो, पब्लिक-डोमेन सामग्री, या क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेंस वालेवीडियो ही डाउनलोड कीजिए। क्रिएटर के अधिकार का सम्मान कीजिए और किसी और के काम को बिना इजाजत आगेमत बाँटिए।